“दास्तां खुशियों की” “वॉश ऑन व्हील्स की बदौलत, सपनों की बाइक तक पहुंची स्वच्छता साथी राधेश्याम की मेहनत “

रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा/ 20 नवंबर 2025/
जितेन्द्र अलबेला
“सपनों का रास्ता कभी आसान नहीं होता,
पर जब कदम हिम्मत से उठते हैं,
तो मेहनत से मंज़िल खुद पास आ जाती है।”
छिंदवाड़ा जिले के जुन्नारदेव विकासखण्ड के स्वच्छता साथी राधेश्याम टांडेकर एक मिडिल क्लास परिवार से निकलकर अपने सपने की ओर बढ़ते हुए आज अपने सपनों वाली बाइक के मालिक बन गए हैं। गत दिवस बुधवार 19 नवंबर 2025 को उनका यह सपना पूरा हुआ और उन्होंने 1,25,000 रुपये की बाइक की चाबी अपने हाथों में ली। उनका यह सपना, पूरे प्रदेश की पहचान बन चुके, छिंदवाड़ा जिले से शुरू हुए नवाचार, ” स्वच्छता साथी वॉश ऑन व्हील्स” सेवा से जुड़कर पूरा हुआ है। इस नवाचार ने ना केवल छिंदवाड़ा जिले को राष्ट्रीय स्तर पर एक नई पहचान दिलाई है, बल्कि ग्रामीण स्वच्छता में मील का पत्थर साबित होने के साथ ही, इससे जुड़े स्वच्छता साथियों के जीवन की दिशा एवं दशा ही बदल दी है।
उन्हीं में से एक स्वच्छता साथी जुन्नारदेव जनपद पंचायत के राधेश्याम टांडेकर हैं। इस पूरी यात्रा में वॉश ऑन व्हील्स सेवा उनके लिए सिर्फ एक रोजगार का जरिया नहीं, बल्कि एक ऐसी राह बनी
जिसने उनके सपनों को पंख दिए। छिंदवाड़ा जिले के नवाचार वॉश ऑन व्हील्स सेवा में पूरे एक साल की निष्ठा, लगन, परिश्रम और जिम्मेदारी से
स्वच्छता साथी के रूप में राधेश्याम ने न सिर्फ काम किया, बल्कि अपनी पहचान बनाई। इस सफर में कलेक्टर छिंदवाड़ा, सीईओ जिला पंचायत अग्रिम कुमार, स्वच्छ भारत मिशन की जिले व जनपद की टीम और सीईओ जनपद पंचायत सभी ने उन्हें प्रेरणा दी और इस नवाचार से जोड़कर उनका भरोसा बढ़ाया। स्वच्छता साथी राधेश्याम की यह कहानी संघर्ष की नहीं, बल्कि कामयाबी की बन चुकी है। इस नवाचार से जुड़ने का अवसर देने के लिए उन्होंने जिला प्रशासन एवं स्वच्छ भारत मिशन की पूरी टीम को धन्यवाद दिया है।
उल्लेखनीय है कि फिक्की राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित जिले का यह नवाचार अभी तक लगभग 50,000 शौचालयों की सफाई कर चुका है और जिले के स्वच्छता साथियों द्वारा करीब 50 लाख रुपये की आय अर्जित की जा चुकी है। वॉश ऑन व्हील्स नवाचार ने ग्रामीण अंचलों में शौचालयों की सफाई और देखभाल की समस्या का अभिनव समाधान प्रस्तुत किया है। मोबाइल इकाईयों के माध्यम से गांव-गांव जाकर शौचालयों की नियमित सफाई और रखरखाव सुनिश्चित किया गया, जिससे स्थायी स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता की मिसाल बनी और स्वच्छता साथियों को रोजगार और नई पहचान मिली।