विश्व मछुआरा दिवस पर मछुआरों ने जल संपदा पर अधिकार एवं संरक्षण का संकल्प लिया

रेवांचल टाइम्स – मंडला, जिला मुख्यायल किला वार्ड के मछुआरों ने विश्व मछुआरा दिवस पर बैठक कर जल संपदा पर अधिकार और उसे बचाने का संकल्प लिया। वर्तमान समय में औधोगिक अपशिष्ट नदियों को दूषित कर रहे हैं, जिससे पानी की गुणवत्ता में गिरावट आ रही है और मछलियां विलुप्त हो रही है।मत्स्याखेट की सुरक्षा के लिए नदियों को बहते रहना और प्रदूषणमुक्त रखना भी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है। इसी जलसंपदा में मछली की विभिन्न प्रजातियां करोङों लोगों के अन्न सुरक्षा देती है और मछुआरों के लिए आजीविका का आधार भी बनती है।बरगी बांध मत्स्य संघ के अध्यक्ष मुन्ना बर्मन ने कहा कि मछुआरों की आजिविका नदी, तालाब और डेम में मत्स्याखेट पर निर्भर है। इसे प्रदुषित होने से बचाना होगा। उपस्थित मछुआरों ने विगत दो वर्षों से बचत सह राहत योजना की राशि नहीं मिलने और बरगी जलाशय में गिरते मत्स्य उत्पादन का मुद्दा उठाया।इस पर बताया गया कि विगत 11 नवंबर को मध्यप्रदेश श्रमिक मछुआरा संघ ने इस संबंध में मछली मंत्री, प्रमुख सचिव मत्स्य विभाग और प्रबंध निदेशक राज्य मत्स्य महासंघ को इस संबंध में पत्र लिखा गया है।
ज्ञात हो कि विश्व मछुआरा दिवस का उद्देश्य छोटे और पारंपरिक मछुआरों के अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग को मजबूत करना है।यह दिवस दुनिया के उन समुदायों को केंद्र में लाता है जो जल-संसाधन और जैव-विविधता के संरक्षक हैं। मध्यप्रदेश में लगभग 15–16 लाख लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से मत्स्य व्यवसाय से जुड़े माने जाते हैं। अधिकांश मछुआरे गरीबी रेखा या उसके आसपास जीवन यापन करते हैं। बाजार का नियंत्रण ठेकेदारों या मध्यस्थों के पास होने से वास्तविक लाभ कम मिलता है।इस कार्यक्रम में किला वार्ड मछुआरा सहकारी समिति के अध्यक्ष रमेश नंदा,सुरंग देवरी- मानादेही समिति सचिव दीनानाथ, जिला मांझी समाज के उपाध्यक्ष बैसाखु नंदा, मांझी संघर्ष समिति प्रदेश अध्यक्ष अशोक नाविक,खुबचंद नंदा, परमानंद नंदा, भारत लाल नंदा, सावित्री बाई नंदा आदि की विशेष उपस्थित थी।
मुन्ना बर्मन (8435931972)
रमेश नंदा (9424730909)