खरमास लग रहा है ‘इस’ दिन, कर लें जरूरी मांगलिक कार्य, वरना ठहरना पड़ेगा 14 जनवरी तक
हिंदू धर्म में खरमास को अत्यंत महत्वपूर्ण अवधि माना जाता है, क्योंकि कोई भी शुभ या मांगलिक कार्य करते समय जब शुभ-अशुभ काल, समय या मुहूर्त देखा जाता है, तो साथ ही खरमास भी देखा जाता है। आपको बता दें, खरमास लगभग एक महीने यानी 30 दिनों की अवधि होती है, जिसमें कोई शुभ मांगलिक या नया काम नहीं किया जाता है।
बता दें, पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में खरमास 16 दिसंबर से शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 को खत्म होगा। सूर्य 16 दिसंबर को धनु में प्रवेश करेंगे तो खरमास शुरू हो जाएग और 14 जनवरी को मकर में प्रवेश करते ही खरमास खत्म हो जाता है।
दिसंबर 2025 में कब से लग रहा खरमास
पंचांग के मुताबिक, साल 2025 में खरमास 16 दिसंबर से शुरू होगा और 14 जनवरी 2026 को खत्म होगा। सूर्य 16 दिसंबर को धनु राशि में प्रवेश करेंगे तो खरमास शुरू हो जाएगा और 14 जनवरी को मकर राशि में प्रवेश करते ही खरमास खत्म हो जाएगा। मकर संक्रांति के साथ ही खरमास समाप्त माना जाता है।
जानिए क्या होता है खरमास
सूर्यदेव जब गुरु की राशि धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तब खरमास लगता है। सूर्य किसी भी राशि में एक माह तक रहते हैं। इसी एक महीने की अवधि को खरमास कहा जाता है। इस दौरान शादी, गृह प्रवेश, मुंडन जैसे सभी शुभ काम रोक दिए जाते हैं।
शुभ फल देता है खरमास में धार्मिक ग्रंथों का पाठ
सनातन धर्म में खरमास का महीना बहुत ही अहम माना गया है। इस महीने में भले ही मांगलिक कार्य न किए जाते हों, लेकिन धार्मिक कार्य किए जाते हैं। धार्मिक कार्यों को करने के लिए ये महीना बहुत ही शुभ है। पूजा-पाठ करने के साथ-साथ ही इस महीने में धार्मिक ग्रंथों का पाठ और पवित्र नदी में स्नान भी किया जा सकता है।
खरमास में नहीं होते ये काम
- खरमास में शादी, सगाई, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक काम नहीं करने चाहिए।
- नया व्यवसाय शुरू करना ठीक नहीं माना जाता है।
- नया वाहन, सोना-चांदी या महंगी वस्तुएं खरीदने से भी लोग परहेज करते हैं।
- नए घर मेंप्रवेश बिल्कुल न करें।