मंगलवार को हनुमान जी की विधिवत पूजा की महिमा जानिए
हिंदू धर्म में मंगलवार का दिन संकटमोचन हनुमान जी को समर्पित है, क्योंकि इसी दिन उनका जन्म हुआ था और यह दिन शक्ति, साहस, निडरता और संकटों को दूर करने के लिए विशेष फलदायी माना जाता हैं।
ज्योतिषयों के अनुसार, पौष माह के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि मंगलवार दोपहर 2 बजकर 28 मिनट तक रहेगी। इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। इस दिन सूर्य वृश्चिक राशि में और चंद्रमा 10 दिसंबर रात 2 बजकर 22 मिनट तक कर्क राशि में विराजमान रहेगा। इसके बाद सिंह राशि में गोचर करेंगे।
मंगलवार के दिन अभिजीत मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, मंगलवार के दिन अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 53 मिनट तक रहेगा और राहुकाल का समय दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा। इस तिथि पर कोई विशेष पर्व नहीं है, लेकिन आप वार के हिसाब से राम भक्त हनुमान की विधि-विधान से पूजा कर सकते हैं।
स्कंद पुराण में उल्लेख मिलता है कि मंगलवार के दिन हनुमान का जन्म हुआ था, जिस वजह से इस दिन बजरंग बली की विधि-विधान से पूजा करने से मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है।
हनुमान जी को जल्दी प्रसन्न कैसे करें?
ज्योतिषयों के अनुसार, मंगलवार के दिन हनुमान भगवान की विधि-विधान से पूजा करने के लिए ब्रह्म मुहूर्त में उठकर नित्य कर्म-स्नान आदि करने के बाद पूजा स्थल को साफ करें।
अब एक लकड़ी की चौकी लें, उस पर एक लाल कपड़ा बिछाएं और पूजा की सम्पूर्ण सामग्री और अंजनी पुत्र की प्रतिमा स्थापित करें।
इसके बाद, हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ कर सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और प्रसाद चढ़ाएं और बजरंग बली की आरती करें।
इसके बाद आरती का आचमन कर आसन को प्रणाम कर प्रसाद ग्रहण करें। साथ ही इस दिन शाम को भी हनुमान चालीसा या सुंदरकांड का पाठ करना चाहिए।
व्रत के दिन केवल एक बार भोजन करें और नमक का सेवन न करें। मंगलवार के दिन हनुमान जी की पूजा करने से शक्ति और साहस में वृद्धि होती है। साथ ही जीवन में सुख-समृद्धि आती है। मान्यता है कि नियमपूर्वक बजरंगबली की पूजा करने से वे जल्दी प्रसन्न होते हैं और भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करते हैं।