तीन दिवसीय उद्यानिकी प्रशिक्षण शासकीय उद्यान रोपनी मंडला में हुआ सम्पन्न

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रेवांचल टाइम्स मंडला कृषि विज्ञान केंद्र मंडला द्वारा संचालित ग्रामीण कृषि कार्य अनुभव (रावे) कार्यक्रम के अंतर्गत जवाहरलाल नेहरू कृषि विश्वविद्यालय, जबलपुर की छात्राओं का तीन दिवसीय उद्यानिकी प्रशिक्षण सह शैक्षणिक भ्रमण शासकीय उद्यान रोपणी, मंडला में संपन्न हुआ। यह कार्यक्रम अक्टूबर से मार्च तक चलने वाली रावे प्रशिक्षण श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जिसका उद्देश्य कृषि महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को खेत-खलिहान से लेकर उन्नत तकनीकों तक का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करना है।कार्यक्रम के दौरान विभिन्न राज्यों और जिलों से आई छात्राओं ने उद्यानिकी की विभिन्न आधुनिक तकनीकों, पौध उत्पादन, नर्सरी प्रबंधन, पौध संरक्षण तथा फल-फूल एवं सजावटी पौधों के वैज्ञानिक संवर्धन के तरीकों का विस्तृत अध्ययन किया। प्रशिक्षण सत्र शासकीय उद्यान रोपणी मंडला में रोपणी प्रभारी पंकज मरकाम के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। उनके साथ कार्यक्रम सहायक (खाता विज्ञान) केतकी धूमकेती, नीति वरकडे तथा ग्राम उद्यान विकास अधिकारी सुरेंद्र सैयाम और मंडला के उप संचालक उद्यान (SHDO) भी उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के प्रथम दिवस छात्राओं को रोपणी परिसर का भ्रमण कराया गया, जहां उन्हें फलदार एवं फूलों की पौध तैयार करने की संपूर्ण प्रक्रिया समझाई गई। पंकज मरकाम ने उद्यानिकी में उपयोग होने वाली नवीनतम तकनीकों जैसे टिश्यू कल्चर पौध उत्पादन, कमर्शियल नर्सरी प्रबंधन, पौधों की ग्राफ्टिंग, बडिंग, एयर लेयरिंग आदि के बारे में विस्तार से जानकारी दी। छात्राओं ने स्वयं भी कुछ गतिविधियों में व्यावहारिक अभ्यास किया, जिससे उनके प्रशिक्षण में आत्मविश्वास बढ़ा।

द्वितीय दिवस के प्रशिक्षण में छात्राओं को पौध संरक्षण, रोग एवं कीट प्रबंधन तथा पोषक तत्वों के वैज्ञानिक उपयोग की जानकारी दी गई। कार्यक्रम सहायक केतकी धूमकेती ने छात्राओं को बताया कि बदलते जलवायु परिस्थितियों में पौध संरक्षण तकनीकें और भी महत्वपूर्ण हो गई हैं। उन्होंने जैविक कीटनाशक, कृषि मित्र कीटों तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (IPM) के महत्व पर भी प्रकाश डाला। नीति वरकडे ने नर्सरी प्रबंधन में मिट्टी मिश्रण की विधियों, पौधों की वृद्धि के लिए आवश्यक पोषक तत्वों तथा सिंचाई प्रबंधन की बारीकियों पर विशेष सत्र लिया।

तीसरे दिन छात्राओं को व्यावहारिक कार्यों के साथ-साथ उद्यानिकी आधारित रोजगार और स्टार्टअप संभावनाओं से अवगत कराया गया। ग्राम उद्यान विकास अधिकारी सुरेंद्र सैयाम ने बताया कि आज उद्यानिकी क्षेत्र में युवाओं के लिए अनेक अवसर उपलब्ध हैं—जैसे नर्सरी स्थापना, फूलों की खेती, उच्च मूल्य फसलों का उत्पादन, औषधीय पौधों का संवर्धन तथा मूल्य संवर्धन आधारित उद्यम। SHDO मंडला ने छात्राओं को राज्य सरकार और केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी, जिनके माध्यम से युवा उद्यमियों को आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और तकनीकी मार्गदर्शन प्रदान किया जाता है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने उत्साहपूर्वक सभी गतिविधियों में भाग लिया। उन्होंने बताया कि इस भ्रमण से उन्हें कक्षा में पढ़ाए जाने वाले सिद्धांतों को practically समझने का अवसर मिला। कई छात्राओं ने कहा कि रोपणी परिसर में होने वाले नवाचार और वैज्ञानिक पद्धतियों ने उन्हें उद्यानिकी क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया है।
गौरतलब है कि शासकीय उद्यान रोपणी, मंडला में समय-समय पर विभिन्न कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के विद्यार्थियों के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। इससे विद्यार्थियों को खेती और उद्यानिकी के वास्तविक कार्यों का अनुभव प्राप्त होता है और वे ग्रामीण कृषि विकास में बेहतर योगदान दे पाते हैं।इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण सह भ्रमण कार्यक्रम के सफल आयोजन से छात्राओं को उद्यानिकी के क्षेत्र में व्यापक ज्ञान प्राप्त हुआ और यह कार्यक्रम उनके व्यावसायिक कौशल विकास में महत्वपूर्ण साबित हुआ।

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