हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए किस तेल का जलाएं दीया, जिससे पलट जाएगी किस्मत

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सनातन धर्म में मंगलवार का दिन बल, बुद्धि और विद्या के सागर माने जाने वाले पवनपुत्र हनुमान जी की पूजा के लिए समर्पित है। धार्मिक एवं हिंदू मान्यता के अनुसार, मंगलवार के दिन हनुमान जी के लिए की जाने वाली साधना शीघ्र ही सफल होती है।

हिंदू लोक मान्यता के अनुसार, मंगलवार के दिन हनुमान जी के लिए किया जाने वाला दीपदान जीवन से जुड़ी तमाम बाधाओं को दूर करके सभी कामनाओं को पूरा करने वाला होता है, लेकिन इस दिन हनुमान जी के लिए किस तेल अथवा घी का दीया जलाना चाहिए।

हनुमान जी की पूजा में दीपक का महत्व

सनातन धर्म में दीपक को प्रकाश, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रतीक माना गया है। हनुमान जी की पूजा में दीपक जलाने की परंपरा विशेष फलदायी मानी जाती है। मान्यता है कि सच्ची श्रद्धा से जलाया गया दीपक भक्त की मनोकामनाओं को पूर्ण करने में सहायक होता है।

कौन-सा तेल हनुमान जी को सबसे प्रिय

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, हनुमान जी को सरसों के तेल का दीपक अत्यंत प्रिय है। यह तेल तेजस्विता और शक्ति का प्रतीक माना जाता है। कहा जाता है कि सरसों के तेल से जलाया गया दीया नकारात्मक शक्तियों को दूर कर जीवन में स्थिरता और साहस प्रदान करता है।

घी का दीया कब होता है शुभ

कुछ भक्त विशेष अवसरों पर घी का दीया भी जलाते हैं। घी का दीपक शांति और सौम्यता का प्रतीक माना जाता है। यह विशेष रूप से मानसिक तनाव, भय और पारिवारिक अशांति से मुक्ति के लिए शुभ माना जाता है।

दीपक जलाने का सही समय और तरीका

हनुमान जी को दीपक मंगलवार और शनिवार को सूर्यास्त के बाद जलाना श्रेष्ठ माना जाता है। दीपक जलाते समय मन को शांत रखकर हनुमान मंत्रों का जप करना चाहिए। पूजा स्थान की स्वच्छता और दीपक की शुद्धता पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

आस्था और कर्म का संतुलन है सबसे जरूरी

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, केवल दीपक जलाना ही पर्याप्त नहीं है। सच्ची भक्ति, संयम और अच्छे कर्म ही हनुमान जी की कृपा दिलाते हैं। दीपक भक्ति का माध्यम है, जबकि आचरण उसका वास्तविक आधार माना जाता है।

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