दुल्लोंपुर उपस्वास्थ्य केंद्र के आधार निर्माण में लापरवाही बरत रही कार्य एजेंसी

"निर्माण स्थल पर नहीं लगाया गया सूचना बोर्ड, उपयंत्री की गैरमौजूदगी में तैयार किया जा रहा गुणवत्ताहीन बेस,

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,निर्माण कार्य के प्रारंभिक चरण में ठेकेदार की मनमानी,

रेवांचल टाइम्स बजाग‌ – ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने शासन द्वारा जगह जगह सुविधायुक्त आरोग्य भवन निर्माण स्वीकृत किए गए है जिसके लिए लाखों रुपए की भारी भरकम राशि भी निर्माण एजेंसी को आवंटित की गई है ।परंतु क्षेत्र में कई स्थानों में निर्माण एजेंसियों द्वारा उपस्वास्थ्य केंद्र के निर्माण में लापरवाही और अनियमितताएं बरतने के मामले सामने आ रहे है

विकासखंड के ग्राम दुल्लोपुर में लगभग पचास लाख रुपए की लागत से विसंगति पूर्ण तरीके से उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण किया जा रहा है भवन निर्माण के प्रारंभिक दौर में ही कई खामियां देखने को मिल रही है ग्रामीणों का आरोप है कि अभी हाल ही में भवन का आधार तैयार किया जा रहा है जिसमें जमीन के नीचे से ऊपर की ओर कालम की ढलाई में लापरवाही बरती गई है ढलाई के दौरान सेटिंग की प्लेट सही ढंग से नहीं लगाए जाने के चलते कंक्रीट के पिलर में मसाला निर्धारित तरीके से सेट नहीं हो पाया है वही लोहे के कालम में सरियों का पिंजरा बनाने में कोताही बरती गई है।जानकारी के अनुसार सरियों के स्पोर्ट के लिए समोसा रिंग लगाए जाने थे जो कि कालम को सीधा खड़े रखने में मददगार साबित होता है बताया गया है कि सरिया बचाने के चक्कर में निर्माण एजेंसी द्वारा भवन की मजबूती से समझौता किया जा रहा है सेप्टिक टैंक के निर्माण में गड्ढे की गहराई काफी कम रखी गई है और 10 एम एम की सरिया लगाकर पिलर खड़े किए गए है ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुवाती कार्य में ही अनियमितताएं की जा रही है नियमों की अनदेखी कर भवन तैयार किया जा रहा है निर्माण स्थल पर जानकारी के लिए कोई सूचना पटल नहीं लगाया गया है ताकि भवन की लागत,मद कार्य पूर्णता दिनांक और अन्य जानकारी ग्रामीणों को मिल सके । ग्रामीणों का सवाल है कि निर्माण में पारदर्शिता रखने की बजाय जानकारी छुपाने का प्रयास क्यों किया जा रहा है निर्माण कार्य में
विभाग और ठेकेदार की लापरवाही ग्रामीणों को साफ साफ नजर आ रही है । ग्राम पंचायत दुल्लोपुर के वार्ड नंबर दो में सप्ताह भर पहले उप स्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कार्य प्रारंभ हुआ।निर्माण स्थल पर तय मानकों से दरकिनार कंक्रीट की ढलाई में ठेकेदार की मनमानी सामने आ रही है ग्रामीणो का यह भी आरोप है कि भवन निर्माण की शुरुवात में ही अनियमितताएं की जा रही है, भवन के आधारभूत ढांचे को कमजोर बनाया जा रहा हैं भवन के कालम में मसाला‌ भरने के बाद बाईब्रेटर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा है जिसकी वजह से ढलाई के बाद प्लेट निकालते ही सरिया दिखाई देने लगे है जिसे बाद में लीपापोती कर मसाले से ढका जा रहा हैं , नींव स्तर में कंक्रीट की दीवार को सीधा रखने की बजाय तिरछे आकर बना में दिया गया हैं, निर्माण कार्य के दौरान विभाग के उपमंत्री की गैर मौजूदगी कई सवालो को जन्म देती है ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण स्थल पर समय पर विभागीय निरीक्षण हो तो कार्य की गुणवत्ता को सुधारा जा सकता है!

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