कैल्शियम का खजाना है तिल, हड्डियों की कमजोरी दूर करने के लिए सर्दियों में ऐसे करें सेवन

58

बढ़ती उम्र, खराब लाइफस्टाइल और अनियमित खानपान की वजह से आज जोड़ों में दर्द और हड्डियों का कमजोर होना एक बड़ी समस्या बन गया है। ऐसे में आप तिल का इस्तेमाल कर सकते हैं जो हड्डियों के लिए एक भरोसेमंद साथी है।

सर्दियों का मौसम आते ही तिल की मांग बढ़ जाती है और इसके पीछे वैज्ञानिक कारण भी है। तिल के छोटे-छोटे बीज कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस जैसे महत्वपूर्ण मिनरल्स से भरपूर होते हैं। ये तत्व हड्डियों की मजबूती के लिए जरूरी हैं। कैल्शियम हड्डियों को मजबूत बनाता है जबकि मैग्नीशियम और फास्फोरस उनकी संरचना को बेहतर करते हैं।

जोड़ों के दर्द से राहत

बढ़ती उम्र के साथ विशेषकर महिलाओं में ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम बढ़ जाता है। तिल का नियमित सेवन इस गंभीर समस्या से बचाने में ढाल का काम करता है। इसके अलावा तिल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं जो जोड़ों की सूजन और दर्द को कम करने में सहायक होते हैं। अर्थराइटिस या जोड़ों की जकड़न से परेशान लोगों के लिए तिल का सेवन रामबाण साबित हो सकता है।

डाइट में कैसे करें शामिल

तिल को अपने लाइफस्टाइल का हिस्सा बनाएं जो बहुत ही आसान है। रोजाना 1 से 2 चम्मच तिल का सेवन करने की सलाह विशेषज्ञों द्वारा दी जाती है। तिल को सर्दियों में लड्डू के रूप में खा सकते हैं। गुड़ और तिल के लड्डू सिर्फ स्वाद ही नहीं बल्कि सेहत का भी ख्याल रखते हैं।

तिल को भूनकर इन्हें स्नैक्स के रूप में भी शामिल कर सकते हैं। सलाद और सूप के ऊपर डालकर इन्हें खाया जा सकता है। इसके अलावा भोजन के साथ उसकी चटनी बना सकते हैं। जो पोषण को बढ़ाती है। सर्दियों में इस तरह तिल का सेवन आपके शरीर को बीमारियों से दूर रखने में मदद करता है।

सीमित मात्रा में खाएं

काले या सफेद तिल दोनों ही फायदेमंद हैं हालांकि अधिक मात्रा में सेवन से बचें क्योंकि तिल में कैलोरी भी ज्यादा होती है। इसके जरूरत से ज्यादा सेवन से शरीर को नुकसान हो सकता है। संतुलित आहार और नियमित व्यायाम के साथ तिल का सही मेल आपको जीवन भर सक्रिय और मजबूत बनाए रखेगा।

Leave A Reply

Your email address will not be published.