चमत्कारिक तीन रूपों वाले हनुमान जी का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया
सूरजकुंड में उमड़ा आस्था का सागर, दिनभर चला भंडारा
दैनिक रेवांचल टाइम्स, मंडला:जिले के मुख्यालय से लगभग 4 किलोमीटर दूर मां नर्मदा के पावन तट पर स्थित सूरजकुंड तीर्थस्थल में संकटमोचन भगवान श्री हनुमान जी का जन्मोत्सव बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान पूरा क्षेत्र भक्ति, आस्था और उल्लास से सराबोर नजर आया।
तड़के सुबह करीब 3 बजे से ही श्रद्धालुओं का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था, जो देर रात तक निरंतर जारी रहा। हजारों की संख्या में भक्तों ने हनुमान जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और अपने जीवन में सुख-शांति की कामना की।
सूरजकुंड धाम की विशेष पहचान यहां विराजमान हनुमान जी महाराज के चमत्कारिक स्वरूप को लेकर है। श्रद्धालुओं की मान्यता है कि हनुमान जी दिनभर में तीन अलग-अलग रूपों में दर्शन देते हैं—सुबह, दोपहर और रात्रि के समय उनके स्वरूप में परिवर्तन होता है, जो इस स्थान को विशेष आस्था का केंद्र बनाता है।
जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर परिसर को भव्य रूप से सजाया गया था। भजन-कीर्तन और रामधुन से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा। वहीं वर्षों से जारी अखंड रामायण पाठ ने श्रद्धालुओं की आस्था को और अधिक प्रगाढ़ किया।
भक्तों की सेवा के लिए पूरे दिन विशाल भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। सेवा कार्य में स्थानीय श्रद्धालुओं और समिति के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
हनुमान जन्मोत्सव के इस पावन अवसर पर सूरजकुंड तीर्थस्थल एक बार फिर आस्था, भक्ति और जनसमर्पण का जीवंत केंद्र बनकर उभरा, जहां हर भक्त भगवान के चरणों में नतमस्तक होकर सुख-समृद्धि की कामना करता नजर आया।
जय बजरंगबली! 🚩