दिल और दिमाग की सेहत के लिए जरूरी है ओमेगा-3 फैटी एसिड, इन वेजिटेरियन फूड्स से शरीर में करें पूर्ति

26

शरीर के लिए कई पोषक तत्वों की पूर्ति होना जरूरी होता है लेकिन आज कल की लाइफस्टाइल में कोई भी हेल्दी लाइफस्टाइल का फार्मूला नहीं अपना रहे है। इस वजह से लोगों को गंभीर बीमारियों की समस्या बनी रहती है। शरीर के अंदरूनी विकास के लिए पोषक तत्व जरूरी होते है। यह सभी पोषक तत्व अंगों, टिशूज का निर्माण और रिपेयर करने के लिए जरूरी होते हैं। इसके अलावा दिल की सेहत, दिमाग के सही कार्य के लिए ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड का सेवन करना चाहिए। कई लोग इस पोषक तत्व की पूर्ति के लिए नॉनवेज खाने की ओर ध्यान देते है लेकिन कई लोग नहीं जानते है वेजिटेरियन फूड्स से भी ओमेगा -3 फैटी एसिड फूड की पूर्ति होती है।

क्यों जरूरी है ओमेगा-3 फैटी एसिड का सेवन

अगर आप अपनी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर फूड्स का सेवन करते है तो यह एनर्जी देने का काम करता है। यह खास तरह का पोषक तत्व एएलए, ईपीए और डीएचए तीन मुख्य प्रकार का होता है। जिसमें ओमेगा-3 फैटी एसिड, खासकर के लिए रूप से डीएचए, आपके ब्रेन और रेटिना के लिए जरूरी होता है। इस ओमेगा-3 फैटी एसिड की पूर्ति के लिए मुख्य स्त्रोत अंडे और मछली है। कम लोग जानते है हमारे वेजिटेरियन फूड्स में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड मिलता है।

इन वेजिटेरियन फूड्स में छिपा है ओमेगा बूस्टर

हेल्थ एक्सपर्ट के अनुसार, ओमेगा-3 से भरपूर फैटी एसिड तत्व की पूर्ति इन वेजिटेरियन फूड्स में हो जाती है। दरअसल चिया और फ्लैक्स सीड्स में भरपूर मात्रा में पाया जाता है। इसके अनुसार, ज्यादातर नट्स हैं जैसे कि बादाम, अखरोट, मूंगफली और पिस्ता में भी पाया जाता है. अगर इन्हें भिगोकर खाया जाए, तो इससे शरीर को अच्छा ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं. सोयाबीन, पनीर और टोफू जैसे कुछ डेयरी प्रोडक्ट्स में भी ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। प्रोटीन से भरपूर चीजों में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाया जाता है। यह ओमेगा -3 फैटी एसिड तत्व किसी फूड्स में ज्यादा होता है तो किसी में कम।

ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी होने पर

हेल्थ एक्सपर्ट बताते है कि, ओमेगा-3 फैटी एसिड की कमी अगर शरीर में हो जाती है तो कई तरह के लक्षण नजर आते है। ऐसे में याददाश्त कमजोर होना, मूड स्विंग्स, चिड़चिड़ा, स्किन ड्राई और डैमेज होने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं। इसके साथ ही ओमेगा-3 में कमी होने के साथ आंखों की रोशनी कमजोर या फिर हार्ट से जुड़ी समस्या का खतरा होता है. इसलिए ऐसे लक्षण दिखने पर एक्सपर्ट से सलाह करें।

Leave A Reply

Your email address will not be published.