शासकीय जमीन पर माफिया का कब्ज़ा ….नोटिस के बाद भी जारी अवैध निर्माण
शासकीय भवनो की जगह बना गई दुकाने, रिक्त भूमि जबरन कब्जा
नोटिस लेकर पहुंचे पटवारी पुलिस, फिर भी नहीं रूका अवैध निर्माण

रेवांचल टाईम्स – मंडला, आदिवासी बाहुल्य जिला भी अजब है गजब जहाँ देखों वहा बेजा अबैध कब्ज़ा धारी दिन रात घात जमाए बेठे है कि कब मौका मिले और हम उस जगह में अपना हक जमाते हुए अपने कब्जे में करें और जिस तरह से जिले के जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी और जनप्रतिनिधि ने चुप्पी साध बेठे हुए इससे स्पष्ट लगता है कि ये सब भू माफियाओं के साठगांठ होने से इन्कार नही किया जा सकता क्योंकि जिस तरह से शिक़वा शिकायत होने के बाद भी कार्यवाही न होना और भू माफियाओं को संरक्षण देना स्पस्ट नजर आ रहा हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत घुघरी की ग्राम पंचायत सलवाह में जीर्णशीर्ण शासकीय भवनो की जगह दुकाने बना ली गई। इतना ही नहीं रिक्त जनपयोगी शासकीय भूमि में कब्जा कर मकान का निर्माण कार्य किया जा रहा है। यहां गत दिवस ग्रामीणो के द्वारा तहसीलदार शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त कराने के ज्ञापन सौंपा गया। इसके बाद निर्माण कार्य को रोकने और नोटिस देने के पटवारी व सलवाह पुलिस की मौजूदगी निर्माण कार्य चालू रहा है। इसको लेकर ग्रामीणो में नाराजगी देखी जा रही है। शासकीय भमि में जबरन कब्जा को लेकर ग्रामीण अब आंदोलन करने की चेतावनी दे रहे है।
बताया गया है कि ग्राम पंचायत सलवाह व ग्रामीणो के द्वारा गत 19 सितंबर को तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा था। पंचायत की शासकीय भूमि मकान निर्माण और विभागीय शासकीय भवनो पर दुकान बना लेने की शिकायत की गई। आरोप है कि सत्तापक्ष के मंडल अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के द्वारा नियम कानून का धता बताते हुए धड़ल्ले से शासकीय भूमि पर कब्जा किया जा रहा है। निर्माण कार्य को रोकने के लिए रविवार को हल्का पटवारी कोटवार सलवाह चौकी पुलिस के साथ निर्माण स्थल पहुंची। कब्जा करने वाले रसूखदार को नोटिस देकर निर्माण कार्य बंद करने को कहा गया। नोटिस को कब्जा करने वाले लोगो ने हवा में उड़ा दिया। यहां तक पुलिस व पटवारी की मौजूदगी में निर्माण कार्य चालू रहा है। कार्यपालिक दंडाधिकारी के आदेश की अवहेलना की गई।
इसको लेकर पुलिस के द्वारा मौके पर पंचनामा बनाया है। ग्रामीणो ने बताया है कि पुराने आंगनवाड़ी भवन और आयुर्वेदिक अस्पताल जैसी शासकीय भवना पर कब्ज़ा कर लिया। पहले इसे सीमेंट का गोदाम बनाया गया और फिर अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसे तुड़वा दिया गया। अब वहाँ एक पक्की दुकान का निर्माण किया गया है। आम सड़क बाज़ार हाट, श्मशान की भूमि, तालाब पहुंच मार्ग और स्कूल पंचायत भूमि पर भी कब्ज़ा कर लिया है। शासकीय भूमि पर कब्जा करने व रोकने के लिए पंचायत सरपंच के द्वारा पद से इस्तीफा दे दिया गया। इसके बाद भी शासकीय भूमि को कब्जा मुक्त नहीं कराए जाने पर सलवाह पंचायत व ग्रामीणो के द्वारा प्रशासन के विरोध में धरना प्रदर्शन करने की चेतावनी दी गई है।
वही ग्रामीणो की मांग है कि जल्द ही कब्जा तोड़ा जाए। नही तो अगली जो जनता करेंगी उसकी जबाबदारी शासन प्रशासन की होंगी।