बेफ्रिक होकर नवरात्रि व्रत रख पाएंगे डायबिटीज मरीज, अपनाएं ये खास तरह की टिप्स

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शारदीय नवरात्रि की शुरुआत हो चुकी है। नौ दिनों के इस पावन व्रत में माता दुर्गा के नौ रूपों की आराधना की जाती है। नवरात्रि में पूजा के अलावा व्रत रखने का भी खास महत्व होता है। कई लोग व्रत रखते है लेकिन कई लोग सेहत सही नहीं होने की वजह से व्रत नहीं रख पाते है। इस तरह ही डायबिटीज से पीड़ित लोगों के मन में व्रत रखने को लेकर दुविधा बनी होती है।

डायबिटीज की बीमारी से पीड़ित मरीजों को व्रत रखने में किसी तरह की परेशानी नहीं हो सकती है। आयुर्वेद और आधुनिक विज्ञान दोनों डायबिटीज मरीजों के लिए कुछ जरूरी सावधानियों के साथ व्रत रखने को सुरक्षित मानते हैं।

शरीर से विषैले तत्वों को निकालता है व्रत

दरअसल व्रत रखना अच्छा होता है यहां पर आयुर्वेदाचार्यों की मानें, तो शरीर का पंच तत्त्वों से संतुलन बनाए रखना ही असली स्वास्थ्य है और व्रत अगर सही तरीके से किया जाए, तो वह शरीर के विषैले तत्वों को बाहर निकालने और पाचन तंत्र को आराम देने का काम करता है। डायबिटीज में व्रत रखना तभी संभव है, जब इसे ‘भूखा रहने’ की बजाय ‘सही ढंग से खाने’ की प्रक्रिया माना जाए।

डायबिटीज मरीज इन बातों का ध्यान

1-डायबिटीज मरीज, नवरात्रि का व्रत रख सकते है। व्रत के दौरान शरीर में ग्लूकोज की कमी होती है तो कमजोरी, चक्कर आना, और यहां तक कि बेहोशी तक की नौबत आ सकती है। इसके लिए आप दो से तीन घंटे में कुछ न कुछ पौष्टिक और कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले भोजन का सेवन करें। यहां पर समा के चावल, कुट्टू या राजगिरा का आटा, उबली हुई शकरकंद, मखाने और पनीर जैसे विकल्प बेहतरीन माने जाते हैं क्योंकि ये धीरे-धीरे पचते हैं और ब्लड शुगर को अचानक नहीं बढ़ने देते।

2- व्रत के दौरान अक्सर पानी की कमी सताती है इसके लिए पानी पीते रहे है। शरीर में डिहाइड्रेशन की स्थिति ना बने इसके लिए पानी के अलावा नारियल पानी, बिना शक्कर वाला नींबू पानी, या छाछ जैसे पेय शरीर को तरोताजा रखने के साथ-साथ इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी भी पूरी करते हैं।

3- व्रत के दौरान आपको तले-भुने और मिठाइयों का सेवन करने से बचना चाहिए। आप किसी फ्राई चीजों का सेवन करने की बजाय उबली, भुनी या हल्की सी सिकी हुई चीजें खा सकते है। यह न केवल शुगर को नियंत्रित रखेगा बल्कि पेट पर भी ज्यादा भार नहीं डालेगा। चीनी की जगह स्टीविया या गुड़ जैसे प्राकृतिक विकल्पों को चुनें।

4-आयुर्वेद में व्रत को शरीर और आत्मा को शुद्ध करने का एक तरीका माना गया है, इसलिए इस दौरान अपनी दवाओं को समय पर लेना बिल्कुल न भूलें। अगर आप इंसुलिन पर हैं या कोई विशेष दवा ले रहे हैं, तो व्रत शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।

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