प्रशासन की नाक के नीचे चल रहा नशे का कारोबार — डिंडोरी में खुलेआम बिक रही अवैध शराब, खाखी है मजबूर माफियाओं के आगे
रेवान्चल टाइम्स – डिंडोरी,आदिवासी बाहुल्य जिला डिंडौरी इन दिनों अबैध माफियाओं की पकड़ में नजर आ रहा और खाखी इन अबैध शराब, सट्टा खाईबाजो भू माफियाओं के आगे नतमस्तक नजर आ रही है, और अपने निजी स्वार्थों के चलते ग़रीब बेरोजगारों को ये माफ़िया अपनी रूसुखदारी से खाखी के साथ गठजोड़ कर उन्हें निचोड़ने में कोई कसर नही करते नजऱ आ रहे है
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार डिंडोरी जिले मां नर्मदा के पावन तट पर बसा डिंडोरी हुआ जहाँ माँ नर्मदा को जीवन्त नदी का दर्जा देते हुए पवित्र पावनी जीवन दायनी का दर्जा तत्कालीन शिवराज सिंह सरकार ने दिया था पर आज उनके आदेशों की धज्जियां डिंडौरी जिले के लाईसेंसी शराब ठेकेदार अपने रसूखदार होने और पैसे की ताकत से गली गली मोहल्ले मोहल्ले पर अपनी ताकत पर खुलेआम बन्द के बाद भी शराब की बिक्री जोरो पर है और ये सब खाखी यानी पुलिस और आबकारी विभाग से अपना गठबंधन कर दिन दुगनी रात चौगनी तरक़्क़ी में जुट गए है और खाखी इन शराब माफियाओं के कारनामे देख कर भी अनदेखी कर रही हैं।
वही नगर इन दिनों अवैध शराब बिक्री का अड्डा बनता जा रहा है। हैरानी की बात यह है कि यह पूरा कारोबार प्रशासन और आबकारी विभाग की नाक के नीचे खुलेआम फल-फूल रहा है।
जगह-जगह मिल रही देशी विदेशी अवैध शराब
वही जानकारो की माने तो इन दिनों शहर के भीतर किराना दुकानों, पान ठेलों से लेकर आम नागरिकों के घरों तक में अवैध देसी-विदेशी शराब की बिक्री का गोरखधंधा तेजी से फलफूल रहा है। और सब नियम-कानून को जेब मे रख कर लाइसेंस धारी धज्जियां उड़ाते हुए खुलेआम बोतलें बेची जा रही हैं।
नगर के ढाबे से लेकर हाईवे के ढाबों में चल रहा धंधा
वही अमरकंटक रोड सहित डिंडोरी से लगे प्रमुख राष्ट्रीय एवं राज्य मार्गों के ढाबों में भी शराब की अवैध बिक्री जोरों पर है। ढाबों में ग्राहकों को खुलेआम “डब्बों” में पैक शराब परोसी जा रही है। ये ढाबे न तो किसी प्रकार का बार लाइसेंस रखते हैं, और न ही प्रशासन का कोई नियंत्रण दिखाई देता है।
प्रमुख स्थलों पर खुलेआम कारोबार
शहर के पेट्रोल पंप के आसपास, कलेक्ट्रेट तिराहे के समीप, बस स्टैंड रोड और पुरानी डिंडोरी के इलाकों में शाम ढलते ही शराब बिक्री का गोरखधंधा शुरू हो जाता है। नशे में धुत युवाओं के झगड़े और सड़क पर बढ़ते उत्पात से आम जनता परेशान है, मगर प्रशासन मौन है।
धार्मिक नगरी की गरिमा पर सवाल
वही बात करे डिंडोरी को मां नर्मदा की पवित्र नगरी के रूप में जाना जाता है, जहाँ प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु स्नान और दर्शन हेतु आते हैं। ऐसे पवित्र स्थल पर शराब का खुलेआम बिकना धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाला है।
जिम्मेदार विभागों की चुप्पी और कार्यवाही पर संदेह
आबकारी विभाग, पुलिस प्रशासन और नगर परिषद — तीनों की भूमिकाएँ सवालों के घेरे में हैं। न तो छापेमारी हो रही है, न ही किसी पर कार्यवाही की खबर। इससे यह संदेह गहराता जा रहा है कि कहीं यह पूरा नेटवर्क कुछ प्रभावशाली लोगों के संरक्षण में तो नहीं चल रहा?
नागरिकों की मांग — सख्त कार्रवाई हो
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से अभियान चलाकर इन अवैध ठिकानों पर कार्यवाही करनी चाहिए। साथ ही, धार्मिक नगर की पवित्रता बनाए रखने हेतु सख्त निगरानी व्यवस्था भी की जानी चाहिए।