21 हजार दीपों से जगमगा उठा महिष्मति घाट पंच चौंकी महाआरती की प्रथम वर्षगांठ पर हुए आयोजन

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रेवांचल टाईम्स – मण्डला, देवउठनी एकादशी के पावन अवसर पर माहिष्मती घाट पर माहिष्मती महोत्सव का भव्य आयोजन किया गया यहां मां नर्मदा की चुनरी शोभायात्रा हनुमान मंदिर कलेक्ट्रेट से निकाली गई जो माहिष्मती घाट पहुंची। यहां पर देवउठनी ग्यारस का पूजन रंगोली दीपदान महाआरती एवं भजनों की शानदान प्रस्तुति हुई। देवउठनी ग्यारस त्यौहार के अवसर पर पंचचौंकी महाआरती के एक वर्ष पूर्ण हो गए। जिसके प्रथम वर्षगांठ पर महिष्मति घाट मंडला में भव्य आयोजन किया गया। पवित्र नर्मदा तट माहिष्मती घाट शनिवार की शाम भक्ति और आस्था से सराबोर नजर आया। इस अवसर पर सैकड़ो श्रद्धालुओं की उपस्थिति में भव्य चुनरी शोभायात्रा, तुलसी विवाह, दीपोत्सव और महाआरती का आयोजन किया गया जिसमें जिले के प्रशासनिक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में श्रृद्धालु शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत कलेक्ट्रेट हनुमान मंदिर से चुनरी शोभायात्रा के साथ हुई। सैकड़ों महिलाओं ने मां नर्मदा के जयघोष के साथ यात्रा में भाग लिया। शोभायात्रा जब माहिष्मती घाट पहुंची तो मध्यप्रदेश की कैबिनेट मंत्री श्रीमती संपतिया उईके ने स्वयं यात्रा का स्वागत किया। मंत्री ने कहा यह आयोजन नर्मदा मैया के प्रति हमारी श्रृद्धा और भक्ति का प्रतीक है। आज मध्यप्रदेश स्थापना दिवस भी है जिस तरह प्रदेश निरंतर प्रगति कर रहा है उसी तरह मंडला भी विकास की दिशा में अग्रसर है। वही महिष्मति घाट पर पहुंचने के बाद तुलसी विवाह का आयोजन विधि-विधान से संपन्न हुआ। मंत्री संपतिया उईके और कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने पूजन-अर्चन में भाग लिया। कथा वाचक पंडित नीलू महाराज ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच तुलसी विवाह सम्पन्न कराया। इस दौरान मां नर्मदा को चुनरी अर्पित की गई और जिले की समृद्धि व विकास कामना की गई। संध्या होते ही माहिष्मती घाट 21 हजार दीपों की रोशनी से जगमगा उठा। मंत्री, कलेक्टर सहित प्रशासनिक अधिकारियों और पंचचौकी महाआरती समिति सदस्य एवं ट्रस्टी ने दीप प्रज्ज्वलन कर मां नर्मदा की भव्य महाआरती की। हर-हर नर्मदे के जयघोष से पूरा घाट भक्तिमय वातावरण में डूब गया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा काफी प्रयासों के बाद माहिष्मती घाट को एक विकसित धार्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया गया है। पंच चौकी महाआरती अब मंडला की पहचान बन चुकी है जो जिले की सांस्कृतिक विरासत और आस्था का प्रतीक है। श्रृद्धालुओं को प्रसाद ग्रहण किया गया। बता दें जबलपुर ग्वारी घाट, उज्जैन महाकाल और बनारस व मां गंगा तट की तर्ज पर आयोजित इस महाआरती को देखने के लिए विगत वर्ष में दूर-दूर से धर्मप्रेमी पहुंचे हैं। मां नर्मदा महाआरती समिति का गठन किया गया है। समिति के सफल संचालन के लिए आजीवन सरंक्षक सदस्यों की नियुक्ति की गई। वहीं विगत एक वर्षो में थावरचंद गहलोत राज्यपाल कर्नाटक, मंगू भाई पटेल राज्यपाल मध्यप्रदेश, उत्तरप्रदेश के कैबिनेट मंत्री, प्रहलाद पटेल कैबिनेट मंत्री, दिलीप जायसवाल प्रभारी मंत्री, सम्पतियां उईके कैबिनेट मंत्री, फग्गन सिंह कुलस्ते सांसद मंडला, मद्रास एवं जबलपुर हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अपने परिजनों के साथ आ चुकें हैं वहीं मसूरी से प्रशिक्षण में आए हुए 15 राजस्व अधिकारी, सीआरपीएफ के वरिष्ठ अधिकारी अपने परिजनों के साथ मां नर्मदा को महाआरती अर्पित और समर्पित की है। वहीं कनाडा ,यूएसए, अमेरिका स्पेन, रशिया, यूरोप में निवासरत धर्मप्रेमियों के द्वारा भी मां नर्मदा की महाआरती का रजिस्ट्रेशन कराया गया और आरती समर्पित की गई। तुर्की से अपने समस्त परिजनों के द्वारा मां नर्मदा के तट पर उपस्थित होकर मां नर्मदा की आरती में सम्मिलित हुए उत्तर वाहिनी परिक्रमा में विभिन्न राज्यों से पधारे हुए समस्त भक्तों के द्वारा मां नर्मदा की आरती में सम्मिलित हुए।

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