भारतीय शिक्षा प्रणाली विश्व की श्रेष्ठ प्रणाली

​बालाजी स्कूल की डिबेट में विपक्ष ने दमदार तर्कों से दर्ज की शानदार जीत!

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रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा ​विद्यार्थियों में वैचारिक क्षमता के विकास और महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चिंतन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नगर के बालाजी पब्लिक स्कूल में एक भव्य वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका विषय था, “भारतीय शिक्षा प्रणाली विश्व की श्रेष्ठ शिक्षा प्रणाली है या नहीं।”
​*जोरदार तर्क-वितर्क और रोचक मुकाबला*
​यह प्रतियोगिता अत्यंत रोचक और ज्ञानवर्धक रही, जिसने न केवल छात्रों बल्कि निर्णायक मंडल को भी सोचने पर मजबूर कर दिया। पक्ष और विपक्ष के बीच शिक्षा के विभिन्न पहलुओं, जैसे- व्यावहारिक ज्ञान, रटंत प्रणाली, कौशल विकास और वैश्विक मानकों पर आधारित जोरदार तर्क-वितर्क हुए।
​विपक्ष ने भारतीय शिक्षा प्रणाली की वर्तमान चुनौतियों और वैश्विक प्रणालियों के साथ इसकी तुलना करते हुए बेहतर ढंग से तथ्यों और तर्कों को प्रस्तुत किया। उनके ठोस तर्कों के सामने पक्ष के दावे कमजोर पड़ गए और अंततः विपक्ष ने शानदार जीत दर्ज की। सभागार में उपस्थित दर्शकों ने प्रतिभागियों के उच्च स्तरीय प्रदर्शन पर खूब तालियाँ बजाईं।
​ निर्णायक मंडल और सक्रिय भूमिका
​कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्या श्रीमति बी अनुराधा नायडू और एसोसिएट डायरेक्टर बी आदर्श नायडू ने निर्णायक के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने छात्रों के तर्कों का सूक्ष्मता से विश्लेषण किया।
​इस सफल आयोजन में प्रभारी शिक्षक मिर्ज़ा आदिल अमान एवं नाज़मीन शेख की सक्रिय भूमिका रही, जबकि विद्यार्थी रुधव शमशेर एवं असमा नाज़ ने अपने कुशल मंच संचालन से कार्यक्रम को बाँधे रखा।
​इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से छात्रों में केवल बोलने की नहीं, बल्कि गहन अध्ययन और आलोचनात्मक सोच की क्षमता भी विकसित होती है, जो उनके भविष्य के लिए आवश्यक है।

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