50 वर्षों से अनवरत गीता पाठ की स्वर्णिम परंपरा! गीता जयंती पर छिंदवाड़ा में विशेष आयोजन
अनगढ़ हनुमान मंदिर में 1 दिसंबर को होगा 18 अध्यायों का मूल पाठ और पूज्य ब्रह्मचारी जी का सारगर्भित व्याख्यान
रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा स्थानीय अनगढ़ हनुमान मंदिर, मुख्य पोस्ट ऑफिस के पास, एक ऐसी दिव्य परंपरा का साक्षी बन रहा है जो पिछले 50 वर्षों से निरंतर जारी है। यह मंदिर प्रतिदिन प्रातःकाल 2 घंटे के अनवरत गीता स्वाध्याय की ऊर्जा से ओत-प्रोत है।
इस स्वर्णिम परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, इस वर्ष 1 दिसंबर को गीता जयंती के पावन अवसर पर मंदिर परिसर में अनेक धार्मिक एवं ज्ञानवर्धक आयोजन किए गए हैं।
मुख्य कार्यक्रम एवं आकर्षण
मूल पाठ एवं व्याख्यान दोपहर में सदगुरु परिवार के साधकों द्वारा परम पूज्य नागेन्द्र ब्रह्मचारी के पावन सानिध्य एवं वाणी से श्रीमद्भगवद्गीता के 18 अध्यायों का मूल पाठ किया जाएगा। इसके उपरान्त, पूज्य ब्रह्मचारी गीता जी पर संक्षिप्त, किन्तु सारगर्भित व्याख्यान प्रस्तुत करेंगे, जिससे श्रद्धालुओं को गीता के मर्म को समझने में सहायता मिलेगी।
भजन-कीर्तन एवं आरती: दोपहर 3 बजे से शाम 6 बजे तक महिला मंडल द्वारा भक्तिमय भजन, कीर्तन और आरती का आयोजन होगा, जिसके बाद महाप्रसाद का वितरण किया जाएगा।
मंदिर प्रबंधन ने नगर के सभी विद्वतजनों और धर्म पारायण श्रद्धालुओं से यह आग्रह किया है कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस ज्ञान यज्ञ में अपनी आहुति दें। आयोजकों का उद्देश्य है कि श्रद्धालु गीता जी के अमर उपदेशों को समझें, उन्हें अपने जीवन में उतारें, और देश तथा धर्म के लिए कार्य कर अपने जीवन को सार्थक बनाएं।
यह आयोजन छिंदवाड़ा की धार्मिक चेतना और आध्यात्मिक दृढ़ता का प्रतीक है।