मवेशी तस्करों के हौसले बुलंद, टिकरिया पुलिस की भूमिका पर उठे सवाल
रेवाँचल टाईम्स – मंडला, जिले के थाना टिकरिया नारायणगंज क्षेत्र में मवेशी तस्करी का गोरखधंधा थमने का नाम नहीं ले रहा है। सूत्रों के अनुसार टिकरिया थाना क्षेत्र में मवेशी तस्करों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे रोजाना थाना परिसर के सामने से बेखौफ होकर मवेशियों को ले जाते देखे जा रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह सब कुछ टिकरिया पुलिस की कथित मिलीभगत से हो रहा है।
प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मवेशी तस्कर खुलेआम वाहनों में मवेशियों को भरकर ले जाते हैं, लेकिन पुलिस द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही। इतना ही नहीं, कुछ तस्करों के संबंध टिकरिया थाने के आरक्षकों से होने की भी चर्चा आम है। आरोप है कि इन्हीं संबंधों के चलते तस्करों पर हाथ डालने के बजाय उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।
स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर भारी आक्रोश है कि जहां एक ओर शासन-प्रशासन द्वारा मवेशी तस्करी रोकने के लिए सख्त निर्देश जारी किए जाते हैं, वहीं जमीनी स्तर पर स्थिति इसके ठीक विपरीत नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि यदि थाना परिसर के सामने से तस्करी हो रही है, तो इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगना स्वाभाविक है।
सूत्रों के अनुसार मवेशी तस्करी से जुड़े लोग पुलिस को “मलाई” पहुंचाकर बेखौफ अपना कारोबार चला रहे हैं। यही कारण है कि क्षेत्र में तस्करी लगातार बढ़ती जा रही है और तस्करों में कानून का कोई भय नजर नहीं आ रहा।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं सामाजिक संगठनों ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते उच्च अधिकारियों द्वारा जांच कर दोषियों पर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो आम जनता का पुलिस प्रशासन से विश्वास उठ जाएगा।
अब देखना यह है कि जिले के वरिष्ठ अधिकारी इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेते हैं और टिकरिया थाना क्षेत्र में फल-फूल रही मवेशी तस्करी पर कब लगाम लगाई जाती है।