डायरिया पीडि़त दो वर्षीय मासूम समेत एक ही परिवार के तीन लोगो की मौत

घुघरी के सिमारिया गांव में डायरिया का प्रकोप, बारिश के सीजन में एक मात्र कुंआ का नहीं हुआ क्लोरीकेशन
रेवांचल टाईम्स – मंडला जिले के घुघरी ब्लाक में एक बार फिर डायरिया का प्रकोप फैल गया है। जिसमे स्वास्थ्य विभाग की लचर व्यवस्था और लापरवाही निकल कर सामने आई है। जहाँ भवने तो है पर उनमें कर्मचारी ग़ायब समय में ग्रामीणों को न सही ईलाज मिल पा रहा और न ही दवाईयां मिल पा रही हैं।
विकास खंड घुघरी यहां के ग्राम पंचायत लाफन के पोषक गांव सिमारिया में पिछले चार दिनो में दो वर्षीय मासूम समेत एक ही परिवार की तीन ग्रामीणो की उल्टी दस्त से मौत हो गई। पीएचई मंत्री के गृह जिले में शुद्व पेयजल उपलब्ध कराने में पीएचई के अफसरो के द्वारा लापरवाही बरती गई। अतिवर्षा होने के बावजूद पंचायतो के पेय जल स्रोत्रो का क्लोरीकेशन नहीं कराया गया है। ग्रामीणो की मौत हो जाने के बाद अब स्वास्थ्य महकमा की टीमें व प्रशासनिक अमला गांव में डेरा डाले हुए है।
बताया गया है कि घुघरी ब्लाक ग्राम पंचायत लाफन के सिमरिया गांव में पेयजल की समस्या है। यहां के ग्रामीण पेयजल के लिए एक कुंआ पर निर्भर है। जो बारिश के सीजन में लबालब है। पंचायत के पोषक गांव सिमारिया में शुद्व पेयजल के लिए कोई दूसरा विकल्प नहीं है। यहां पंचायत के द्वारा हैंडपंप खनन के लिए कई बार विभागीय अधिकारियो को आवेदन दिया गया लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया गया है। यहां के ग्रामीण कुंआ के पानी का सेवन करते रहे है। पिछले चार माह से बारिश हो रही है। इससे कुआ में आसपास का पानी भी जमा हो रहा है। इसी पानी के सेवन और बदलते मौसम के चलते ग्रामीणो में उल्टी दस्त की शिकायत होने लगी है। सिमारिया के एक ही परिवार के तीन ग्रामीणो समेत दो वर्षीय मासूम की मौत हो गई। पिछले तीन दिनो में मुन्ना केराम 50 वर्ष, मां नरबदिया केराम 72 वर्ष और भाई देवसिंह केराम 45 वर्ष की मौत हो गई। इसाी गांव मेें सबसे अमर सिंह दो वर्षीय बच्चे उल्टी दस्त से मृत्यू हो गई थी। सरपंच पति शिव केराम का कहना है कि गाँव में स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था नहीं है। यहां कुंआ का पानी ही ग्रामीण सेवन कर रहे है। नल जल योजना का कही कोई पता नहीं है।
स्वास्थ्य टीम कर रही जांच
डायरिया बुखार का प्रकोप फैल जाने के बाद प्रशासन को होश आता है। यहां चार ग्रामीणो की मौत हो जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया है। इसके बाद गांव में शिविर लगा कर ग्रामीणो की जांच कर रही है। पेयजल की जांच करने के लिए पीएचई विभाग भी डेरा डाले हुए है। गत वर्र्षो की तरह इस बार प्रशासिक टीमे दो चार दिन गांव का निरीक्षण करेंगे लेकिन यहां पेयजल की इंतजाम होगा और ना ही योजना शुरू की जाएगी।
गत वर्ष आमाटोला हुई थी मौतें
गत वर्ष भी रैनी सीजन में घुघरी के ग्राम पंचायत देवहारा के गांव आमाटोला में डायरिया से पीडि़त दो बैगा महिलाओ समेत चार ग्रामीणो की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक ग्रामीण उल्टी दस्त से पीडि़त रहे थे। मृतिका बुआ और भतीजी रही। यहां भी शुद्व पेयजल के लिए कोई इंतजाम नहीं है। पिछले तीन साल से जल जीवन मिशन से देवहारा पंचायत में काम शुरू किया गया है लेकिन वह पूरा नहीं किया गया। डायरिया प्रभावित गांव आमाटोला में करीब आधा दर्जन हैंडपंप थे लेकिन पानी एक में भी नहीं निकलता रहा है।