सौर ऊर्जा में बड़ा खेल! बिना टेंडर के लगे घटिया संयंत्र, नियमों को दरकिनार
कलेक्टर के मौखिक आदेशों से लग रहे सोर ऊर्जा की प्लेट नियंम को किया जा रहा दरकिनार
बिना टेंडर जारी किए लगा दिए घटिया सौर ऊर्जा सयंत्र
पंचायतो में नियमो का पालन नहीं, कलेक्टर के मौखिक निर्देश की आड़ में हुआ खेल
रेवांचल टाईम्स – मंडला, जिले की जनपद पंचायतो में सरकारी राशि का दुरूपयोग का जम के चल रहा खेल जहाँ पर नियंम शर्ते सब रखें कि रखे रह जाती है और वह नियंम लागू होता जो ठेकेदार चाह लेते है विभाग और जिला प्रशासन पर सब इन रसूखदार पैसे वाले ठेकेदारों के आगे सब जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी नतमस्तक है, क्योंकि ठेकेदार जो इन्हें समय समय मे नजराना पेश करता है इस लिए जिले में शिक्षा व्यवस्था लोगो को मूलभूत मिलने वाली सुविधाएं के लिए न जनप्रतिनिधियो का और न जिला प्रशासन का ध्यान दिया जा रहा हैं।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार जिले के विकास खण्ड मवई की ग्राम पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने में नियमो का कोई पालन नहीं किया गया है। जहा जानकारी के अनुसार टीएल की बैठक में कलेक्टर सोमेश मिश्रा के द्वारा पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के मौखिक आदेश की आड़ पर अनाधिकृत फर्मो और एजेंसी ने ग्राम पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगा दिए है। आरोप यह भी है कि एजेंसी के द्वारा पंचायतो के डोर टू डोर सपंर्क किया जा रहा है और जब सरपंच सचिव उक्त एजेन्सी से संपर्क स्थापित नही करती है तो बरिष्ठ अधिकारियों से साठगांठ कर सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के लिए दबाब बनाया गया है। यहां तक बमुश्किल डेढ़ लाख के सयंत्र को इंस्टाल करने पर पंचायतो में 2.60 लाख रूपए से 2.80 लाख रुपये से अधिक बिल लगाए जा रहे है। सिर्फ जनपद पंचायतो मवई की 52 ग्राम पंचायतो में से एक साथ 25 पंचायतो मेें सौर ऊर्जा सयंत्र लगाकर लाखो रूपए का गोलमाल किया गया है। नियम विरूद्व सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने को लेकर अभी तक जिला प्रशासन के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है।
बताया गया है कि प्रदेश सरकार ने ग्राम पंचायत के साथ शासकीय भवनो को सौर ऊर्जा से रोशन करने के लिए काम कर रही है। इसको लेकर पंचायतो को सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के लिए शासन से मिलने वाली राशि पांचवे वित्त में प्रावधान भी किया गया है लेकिन यहां जनपद पंचायत मवई की 25 से अधिक ग्राम पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने में नियमो को कोई पालन नहीं किया गया है। सभी नियंम आदेशों को दरकिनार करते हुए एक अनाधिकृत एजेंसी ने स्थानीय को पार्टनर बनाकर ग्राम पंचायतो के सरपंचो से डोर टू डोर संपर्क कर बिना आदेश लिए ही सौर ऊर्जा सयंत्र लगा दिए है। ये सौर ऊर्जा सयंत्र की क्षमता व मापदंड का कही कोई जानकारी सरपंच सचिवो नहीं है। पंचायत भवनो की संरचना प्राय एक जैसी है लेकिन इसके बाद भी सौर ऊर्जा संयत्र लगाने में मनमानी की गई है। किसी पंचायत में दो सोलर प्लेट के साथ दो बैटरी लगाई गई है। किसी पंचायत में यह सयंत्र चालू ही नहीं हुए है। कही एक प्लेट लगा कर काम पूरा कर दिया गया है। ग्रामीणो के आरोप है कि सौर ऊर्जा सयंत्र बिल राशि के अनुरूप नहीं लगाए गए है। बिल अधिक का बनाया गया है और कम क्षमता संयत्र पंचायतो को थौंप दिए गए है। पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने में जमकर कमीशन का खेल किया गया है। इसमें जिला से लेकर जनपद तक अफसर शामिल है। नियम विरूद्व सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है।
पंचायतो में प्रस्ताव तक नहीं नियंम की अनदेखी
ग्राम पंचायतो में सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के लिए पांचवे वित्त की राशि में प्रावधान किया गया। ये सौर ऊर्जा सयंत्र इंस्टाल करने के लिए ग्राम पंचायतो को बैठक प्रस्ताव बनाया चाहिए था। इसके साथ निविदा जारी कर कोटेशन लेना था। यहां ग्राम पंचायतो में कोई प्रस्ताव व बैठक तक नहीं किया गया है। अनाधिकृत एजेंसी व स्थानीय सफेदपोशो के दबाब में पंचायतो में सयंत्र इंस्टाल कर दिए गए है। इस खेल सरपंच सचिव भी शामिल है। इसमें कुछ ऐसी पंचायतें भी है जहां सौर ऊर्जा संयत्र लगाने के लिए अनाधिकृत एजेंसी को इंकार कर दिया है। उनका कहना था कि वे पंचायत के नियमो के तहत सयंत्र लगाएगें। जिससे किसी भी तरह की गड़बड़ी व सुधार कार्य करवा जा सके।
वर्ष 2022 में जारी हुए आदेश
बताया गया है कि मप्र शासन पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्रालय भोपाल पत्र क्रमांक/पं.रा./875/2022 दिनांक 16/9/2022 ग्राम पंचायत में पांचवे वित्त की राशि से सौर ऊर्जा सयंत्र के निर्देश जारी किए गए थे। गत वर्ष 2024 में मोहन सरकार ने सौर ऊर्जा से शासकीय भवनो को रोशन करने में जोर दिया। यहां टीएल बैठक की समीक्षा के दौरान सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने कलेक्टर के द्वारा चर्चा की गई। इसकी आड़ पर जनपद पंचायत से सर्कूलर जारी किया गया। पंचायतो के द्वारा सौर ऊर्जा सयंत्र लगाने के लिए मार्गदशन चाहा गया। इसके बाद सर्व ग्राम पंचायतो को जनपद पंचायतो से सयंत्र लगाने के निर्देश जारी किए गए लेकिन नियम का कही कोई उल्लेख नहीं किया गया। इस तरह अनाधिकृत एजेंसी के द्वारा सिर्फ मवई जनपद की 25 पंचायतो में 62 लाख रूपए से अधिक राशि का काम बिना टेंडर कर लिया गया।
इनका कहना है कि
मुझे टीएल की बैठक में कलेक्टर के द्वारा सौर ऊर्जा लगाने के निर्देश दिए गए थे पंचायतो के द्वारा कहा से किस एजेंसी सयंत्र लगाए गए है इसकी जानकारी नहीं है। आपके माध्यम से जानकारी लगी है मुझे एक लिखित शिकायत मिलने के बाद जांच करा ली जाएगी।
बीसी टिमहारिया,
सीईओ मवई मंडला