सरकार त्रिस्तरीय पंचायतों और सरपंचों के अधिकार वापस करे,नहीं 3 नवंबर को प्रदेश व्यापी आंदोलन होगा

प्रदेश के सभी त्रिस्तरीय पंचायतों के साथ सरपंचों से आंदोलन के लिए समर्थन मागा गया।
रेवांचल टाईम्स – भोपाल। मध्यप्रदेश कि राजधानी भोपाल के नाइन मसाला रेस्टोरेंट में मध्यप्रदेश राज्य पंचायत परिषद भोपाल संबद्ध अखिल भारतीय पंचायत परिषद दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष अशोक सिंह सेंगर के अध्यक्षता में प्रदेश से आए त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिधियों के साथ 55 जिलों के सरपंच गणों कि सफलता पूर्वक बैठक संपन्न हुई। उक्त बैठक में निर्णय लिया गया कि आगामी 3 नम्बर 2025 को प्रदेश व्यापी आंदोलन किया जाएगा। और सरकार को मजबूर किया जाएगा कि सरपंचों के हक अधिकार सरकार वापस करे। इसके अलावा अन्य विषयों पर विस्तार से चर्चा कि गई है। जैसे सरपंचों के सुरक्षा, फर्जी 181 के विरुद्ध कार्यवाही, मानदेय बढ़ाए जाने, धारा 40 कि कार्यवाही स्थगित किए जाने, पीडब्ल्यूडी कि तरह सीएसआर 2025 का लागू किए जाने, पंचायत अधीनस्थ कर्मचारियों का सीआर लिखने का अधिकार, पंचायतों के लंबित भुगतान तत्काल किए जाने, सरपंचों के बिना हस्ताक्षर के आन लाइन फीडिंग अमान्य किए जाने, पंचायत कोश कि स्थापना किए जाने , खनिज रॉयल्टी में छूट किए जाने, पांचवे वित्त से राशि खर्च का प्रतिबंध हटाया जाने के अलावा सुदूर सड़क पर से प्रतिबंध हटाए जाने कि मांग सरकार से की गई है।
बैठक में मुख्य मुद्दा उठा की सरकार संविधान द्वारा प्रदत्त 73 संशोधन के पूर्ण अधिकार वापस किया जाय, जिसका निर्णय सर्वसम्मति से पास किया गया। और सरकार को चेतावनी दी गई कि प्रदेश सरकार सभी मांगों पर तत्काल निर्णय ले नहीं तो 3 नवंबर 2025 को प्रदेश के त्रिस्तरीय पंचायतों के जनप्रतिनिधि द्वारा इतिहासिक आंदोलन करने को मजबूर होगे। जिसके लिए पूर्ण रूप से सरकार जिम्मेदार होगी।
बैठक में मुख्य रूप से पदेश उपाध्यक्ष सरपंच विनोद त्रिपाठी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष हिम्मत सिंह गोयल, जिला पंचायत सदस्य प्रदेश अध्यक्ष अजय गोटिया, महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती प्रीती सिंह राठौर, जनपद सदस्य देवेन्द्र चौधरी प्रदेश अध्यक्ष प्रांतीय जनपत एकता सदस्य संघ, प्रदेश महासचिव सरपंच शरद पाराशर, सरपंच श्री पुष्पेंद्र देशमुख, बद्री दास बैरागी, प्रदेश सचिव सरपंच अशोक शांडिल्य, सरपंच कृष्ण कुमार झा, प्रदेश कार्य समिति सदस्य सरपंच राजेश पटेल, प्रदेश प्रवक्ता सरपंच नरेंद्र सिंह चौहान, सरपंच शैलेन्द्र सिंह रावत, जनपद सदस्य आशुतोष शरण तिवारी, प्रदेश के सभी संभागों के पदाधिकारी जिले के सभी जिला अध्यक्ष के साथ सैकड़ों के संख्या में सरपंच गण शामिल हुए।