शिक्षक रामस्वरूप नामदेव् सेवानिवृत्ति सह सम्मान समारोह आयोजित,, भावभीनी विदाई के दौरान उपस्थित जनसमूह अश्रु पूर्ण विदाई दी

*शिक्षक रामस्वरूप नामदेव् सेवानिवृत्ति सह सम्मान समारोह आयोजित,, भावभीनी विदाई के दौरान उपस्थित जनसमूह अश्रु पूर्ण विदाई दी*

 

दैनिक रेवांचल टाइम्स- मंडला

 

भुआ बिछिया नवीन माध्यमिक विद्यालय बम्हनी रैयत में पदस्थ शिक्षक रामस्वरूप नामदेव का सेवानिवृत्ति सह सम्मान समारोह जन शिक्षा केन्द्र कन्या बिछिया द्वारा माध्यमिक शाला बम्हनी रैयत के प्रांगण में आयोजित किया गया।कार्यक्रम श्री नामदेव के मुख्य आतिथ्य, विकासखंड शिक्षा अधिकारी आतमजीत सिंह अहलूवालिया, संकुल प्राचार्य वीरेन्द्र परतेती विकासखंड स्त्रोत समन्वयक हेमराज मरावी,सरपंच सूरजवती मार्को,जनपद सदस्य मुन्ना लाल मरावी,रज्जू राय, कमल उइके के विशिष्ट आतिथ्य एवं जन शिक्षा केन्द्र के सभी शिक्षकों, पालकों,ग्रामवासियों,विद्यार्थियों  व पारिवारिक सदस्यों की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ।कार्यक्रम की शुरुआत माँ सरस्वती के पूजन अर्चन व वंदना से प्रारम्भ हुआ।माँ की आराधना के बाद शिक्षक राम स्वरूप नामदेव के सम्मान में विद्यालय की प्रभारी रेखा नामदेव द्वारा गीत के माध्यम से अपनी बात रखी।उपस्थित अतिथियों द्वारा भी नामदेव के सम्मान व उनके शिक्षकीय जीवन पर अपने अपने विचार रखे।बी ई ओ आतम जीत सिंह अहलूवालिया ने नामदेव पर अपने विचार रखते हुये उन्हें शिक्षा के प्रति समर्पित व कर्मठ बताते हुए उनसे प्रेरणा लेने की बात कही,उन्होंने अपने अंदाज में प्रेरक पंक्तियों के माध्यम से शिक्षक नामदेव के सम्मान में अपनी बात रखी।आपके सहयोगी शिक्षक रहे राकेश नामदेव ने बताया कि आप उत्कृष्ट शैक्षणिक कार्य के साथ ही पर्यावरण प्रेमी होने के साथ  बहुत ही समय पाबंद शिक्षक रहे।समय पूर्व विद्यालय पहुंचकर विद्यालय के पेड़ पौधों को संभालना आपकी दिनचर्या में था।कार्यक्रम की अगली श्रृंखला में शिक्षकों द्वारा रामस्वरूप नामदेव का सम्मान शाल,श्रीफल व स्मृति चिन्ह से किया गया।

सेवानिवृत्त शिक्षक रामस्वरूप नामदेव का जन्म एक मध्यमवर्गीय परिवार में 1 अप्रैल 1964 को तहसील बिछिया के बगली ग्राम में हुआ।आपके पिता स्वर्गीय श्री मेवालाल नामदेव कपड़े सिलने का व्यवसाय किया करते थे।आपकी प्राथमिक शिक्षा प्राथमिक शाला सीतारपटन में हुई।ग्राम में 6वीं कक्षा से अध्ययन के लिए विद्यालय नहीं होने के बाद भी आपकी पढ़ाई के प्रति रुचि एवं ललक के कारण बगली से अंजनिया लगभग 6 किलोमीटर पैदल चलकर आपने बालक माध्यमिक शाला अंजनिया से माध्यमिक शिक्षा प्राप्त कर मंडला के जगन्नाथ विद्यालय वर्तमान में उत्कृष्ट विद्यालय मंडला से 1981 में मैट्रिक परीक्षा उत्कृष्ट अंकों से उत्तीर्ण की।सन 1981 में ही आपने रानी दुर्गावती महाविद्यालय मंडला में बी.एस-सी.स्नातक के लिए प्रवेश लिया।उक्त पाठ्यक्रम की पढ़ाई करते हुए आपने जून 1982 में शिक्षक चयन परीक्षा में सम्मिलित होकर महज 18 वर्ष 6माह 26 दिन की उम्र में शिक्षक के पद पर चयनित होकर प्राथमिक विद्यालय मुहाड़(सिझोरा)में पदस्थ होकर शासकीय सेवा की यात्रा शुरू की।सेवा में रहते हुए आपने बुनियादी प्रशिक्षण संस्थान मंडला से बी.टी.आई.की व्यावसायिक योग्यता प्राप्त की।उस समय की कठिन परिस्थितियों, आवागमन की असुविधा के बाद भी आप अपने कर्तव्य पर निरंतर सक्रिय रहे।जुलाई 1987 में आपके कार्य व अध्यापन को देखते हुये शिक्षा अधिकारियों ने आप को माध्यमिक शाला कोको में स्थानांतरित कर दिया ताकि आपके अध्यापन का फायदा माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को प्राप्त हो।लगभग 25 वर्षों तक आपने कोको में अपनी सेवाएं प्रदान की जिसके लिए आज भी इस ग्राम एवं आसपास के लोगों में आपके लिए स्नेह व सम्मान है।आपके द्वारा शिक्षित बहुत से विद्यार्थी आज कई क्षेत्रों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।कोको में सेवा के दौरान आपकी पदोन्नति हायर सेकंडरी विद्यालय घुटास हो जाने के कारण आपको यह स्थान छोड़कर घुटास जाना पड़ा वहाँ भी लगभग डेढ़ वर्ष सेवा देकर आप दिसंबर 2013 में नवीन माध्यमिक शाला बम्हनी रैयत में स्थानांतरित होकर कार्यभार संभालने के उपरांत निरंतर इस क्षेत्र में अपनी सेवाओं से यहां के विद्यार्थियों का जीवन सार्थक बनाते हुए आज इसी विद्यालय से अपनी 44 वर्षों की शिक्षकीय सेवा के उपरांत सेवानिवृत्त हो रहे हैं।अपनी शिक्षकीय सेवा में आप विद्यालय तक सिमटकर नहीं रहे बल्कि जन शिक्षा केन्द्र व विकासखंड स्तर पर विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षणों में मास्टर ट्रेनर की भी भूमिका निभाई है।आपने सामाजिक क्षेत्र में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन बड़ी शालीनता एवं सरलता से किया है।सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों, अधिकारियों से आपके संबंध बहुत ही मधुर रहे हैं।शिक्षा विभाग के सभी अधिकारियों,साथियों,ग्रामवासियों, सामाजिक बंधुओं ने आपको शुभकामनाएं प्रेषित करते हुये आपके स्वस्थ व निरोगी जीवन की कामना की है।कार्यक्रम के अंत मे शिक्षक नामदेव को उपस्थित लोगों द्वारा बैंड बाजे, नाच गाने के साथ उनके घर तक ससम्मान विदा किया गया।कार्यक्रम का संचालन शिक्षिका रजनी मरावी व प्रह्लाद साहू ने तथा आभार प्रदर्शन जनशिक्षक अनिल वाहने ने किया।

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