देवगढ़ की वादियों में कलेक्टर ने बिताए सुकून के पल होमस्टे और विरासत ने मोह लिया मन
ऐतिहासिक पर्यटन ग्राम देवगढ़ में 12 होमस्टे दे रहे हैं ग्रामीण आतिथ्य का अनुभव; कलेक्टर ने दिए व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश

*रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*
जितेन्द्र अलबेला
मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड द्वारा विकसित किए जा रहे ऐतिहासिक और प्राकृतिक सौंदर्य से लबरेज पर्यटन ग्राम देवगढ़ जल्द ही प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर अपनी नई पहचान बनाएगा। शुक्रवार को कलेक्टर हरेन्द्र नारायन ने जिला पंचायत सीईओ अग्रिम कुमार के साथ देवगढ़ का भ्रमण कर वहां की व्यवस्थाओं और प्राकृतिक सुंदरता का जायजा लिया।
*प्रकृति की गोद में ‘दीक्षा होमस्टे’ का अनुभव*
भ्रमण के दौरान कलेक्टर नारायन ने ‘दीक्षा होमस्टे’ के बरामदे में बैठकर देवगढ़ की शांत वादियों और चारों ओर फैली हरियाली का लुत्फ उठाया। उन्होंने कहा कि पहाड़ियों और खेतों से घिरा देवगढ़ का यह स्वच्छ वातावरण मानसिक शांति और सुकून चाहने वाले पर्यटकों के लिए एक बेहतरीन गंतव्य है। यहाँ का नैसर्गिक सौंदर्य और ताजी हवा किसी को भी मंत्रमुग्ध कर सकती है।
*इतिहास और प्रकृति का अनूठा संगम*
देवगढ़ सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता ही नहीं, बल्कि अपने गौरवशाली इतिहास के लिए भी विख्यात है। यहाँ स्थित
प्राचीन किले राजाओं के शासनकाल की याद दिलाते गौरवशाली अवशेष।
ऐतिहासिक बावड़ियां जल प्रबंधन और प्राचीन वास्तुकला का जीवंत उदाहरण।
ग्रामीण संस्कृति खेतों और बागानों के बीच सीधे प्रकृति से जुड़ाव।
12 होमस्टे के जरिए मिल रहा रोजगार और आतिथ्य
वर्तमान में देवगढ़ में 12 होमस्टे सफलतापूर्वक संचालित हो रहे हैं। इन होमस्टे के माध्यम से पर्यटकों को स्थानीय संस्कृति, पारंपरिक खान-पान और ग्रामीण जीवनशैली को करीब से देखने का अवसर मिल रहा है। यह न केवल पर्यटन को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि स्थानीय ग्रामीणों के लिए स्वरोजगार के नए मार्ग भी खोल रहा है।
*अधिकारियों को निर्देश बढ़े पर्यटकों की आवाजाही*
कलेक्टर नारायन ने देवगढ़ के पर्यटन महत्व को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को इसके व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से देवगढ़ की खूबियों को लोगों तक पहुँचाया जाए ताकि देश-दुनिया के पर्यटक इस ऐतिहासिक ग्राम की ओर आकर्षित हो सकें।