स्वच्छता से ही स्वस्थ जीवन संभव: मारई के नागेश्वर मंदिर परिसर में इको क्लब ने चलाया सफाई अभियान
बालाजी पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने ग्रामीणों को स्वच्छता के प्रति किया जागरूक

*रेवांचल टाइम्स छिंदवाड़ा*
जितेन्द्र अलबेला
नगर के प्रतिष्ठित बालाजी पब्लिक स्कूल की इको क्लब इकाई द्वारा सामाजिक सरोकार की दिशा में एक सराहनीय पहल की गई। क्लब के सदस्यों ने ‘स्वच्छता अभियान’ के तहत स्थानीय ग्राम मारई स्थित प्रसिद्ध नागेश्वर मंदिर और उसके आसपास के परिक्षेत्र में श्रमदान कर व्यापक साफ-सफाई की।
*श्रमदान से संवारा मंदिर परिसर*
अभियान के दौरान इको क्लब के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों ने मंदिर परिसर में बिखरे कचरे, प्लास्टिक और अनुपयोगी सामग्री को एकत्रित कर उसका उचित निपटान किया। विद्यार्थियों के इस उत्साह को देखकर स्थानीय ग्रामीणों ने भी उनकी सराहना की और स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया।
*पर्यावरण और स्वास्थ्य का अटूट रिश्ता*
सफाई के साथ-साथ क्लब के सदस्यों ने जन-जागरूकता अभियान भी चलाया। ग्रामीणों के साथ संवाद करते हुए विद्यार्थियों ने बताया कि स्वच्छता केवल दिखावा नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवन का आधार है।
उन्होंने मुख्य बिंदुओं पर जोर दिया
जल स्रोतों का संरक्षण जल स्रोतों के पास गंदगी होने से पानी दूषित होता है, जो गंभीर बीमारियों का कारण बनता है।
पर्यावरण संतुलन स्वच्छ परिवेश से न केवल मनुष्य बल्कि पशु-पक्षी और प्रकृति भी सुरक्षित रहती है।
बीमारियों पर लगाम गंदगी हटने से मच्छर और अन्य कीटाणुओं का पनपना कम होता है।
साझा किया स्वच्छता का महत्व
इको क्लब के सदस्यों ने लोगों से अपील की कि वे अपने घर के साथ-साथ सार्वजनिक स्थलों और प्राकृतिक धरोहरों को भी साफ रखें। स्कूल के शिक्षकों ने बताया कि इस तरह के आयोजनों का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और समाज को एक सकारात्मक संदेश देना है।